एक दिन अपने पराये को भुलाकर देखो
एक दिन यूं ही नजर हमसे मिलाकर देखो
मेरे सीने में जो दिल है, वो धडकता भी है
आह निकलेगी कोई, इसको जलाकर देखो
नाम तुमने जो मिटाया,था रेत पर लिक्खा
दिल पर लिक्खा कोई हर्फ़ मिटाकर देखो
जुल्फें यूं गुल से संवारी हैं रोज ही तुमने
मेरी तस्वीर कभी दिल में सजाकर देखो
तेरे रुखसार पर जुल्फें तो बहुत भाती हैं
जाम पर जाम पिए होश में मगर हम हैं
हसरत-ए-दिल है आँखों से पिलाकर देखो
ww
डॉ आशुतोष मिश्र
निदेशक
आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी
बभनान, गोंडा, उत्तरप्रदेश
मोबाइल न० 9839167801
एक दिन यूं ही नजर हमसे मिलाकर देखो
मेरे सीने में जो दिल है, वो धडकता भी है
आह निकलेगी कोई, इसको जलाकर देखो
नाम तुमने जो मिटाया,था रेत पर लिक्खा
दिल पर लिक्खा कोई हर्फ़ मिटाकर देखो
जुल्फें यूं गुल से संवारी हैं रोज ही तुमने
मेरी तस्वीर कभी दिल में सजाकर देखो
तेरे रुखसार पर जुल्फें तो बहुत भाती हैं
तुम मगर रुख से ये जुल्फें हटाकर देखो
जाम पर जाम पिए होश में मगर हम हैं
हसरत-ए-दिल है आँखों से पिलाकर देखो
ww
डॉ आशुतोष मिश्र
निदेशक
आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी
बभनान, गोंडा, उत्तरप्रदेश
मोबाइल न० 9839167801